इन तारीखों पर शादी न करें! 2026 के सितारों के अनुसार सबसे खराब दिन

इन तारीखों पर शादी न करें! 2026 के सितारों के अनुसार सबसे खराब दिन
शादी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण फैसला होती है, और सही समय पर शादी करना सुखी वैवाहिक जीवन के लिए आवश्यक है। 2026 में शादी की योजना बना रहे जोड़ों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि इस साल शुक्र का रेट्रोग्रेड और चार ग्रहण ऐसी स्थितियां बना रहे हैं जो आपके विवाह के लिए अशुभ साबित हो सकते हैं।
2026 में शादी के लिए सबसे खतरनाक तारीखें
17 फरवरी 2026 - कुंभ राशि में सूर्य ग्रहण
यह तारीख शादी के लिए सबसे खराब मानी जाती है। कुंभ राशि में सूर्य ग्रहण होने से वैवाहिक जीवन में अस्थिरता और अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है। इस दिन शादी करने वाले जोड़ों को भविष्य में रिश्ते में तनाव और मतभेद का सामना करना पड़ सकता है।
3 मार्च 2026 - कन्या राशि में चंद्र ग्रहण
कन्या राशि में चंद्र ग्रहण वैवाहिक जीवन के लिए अशुभ माना जाता है। इस दिन शादी करने से पति-पत्नी के बीच संवाद में कठिनाई आ सकती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
12 अगस्त 2026 - सिंह राशि में सूर्य ग्रहण
सिंह राशि में सूर्य ग्रहण होने से वैवाहिक जीवन में अहंकार और घमंड की समस्या बढ़ सकती है। इस दिन शादी करने वाले जोड़ों को अपने रिश्ते में समानता और सम्मान बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है।
28 अगस्त 2026 - मीन राशि में चंद्र ग्रहण
मीन राशि में चंद्र ग्रहण भावनात्मक रूप से अस्थिरता ला सकता है। इस दिन शादी करने से जोड़े भावनात्मक रूप से कमजोर हो सकते हैं और उन्हें अपने रिश्ते में भरोसा बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है।
शुक्र रेट्रोग्रेड का प्रभाव (3 अक्टूबर - 13 नवंबर 2026)
वृश्चिक राशि में शुक्र रेट्रोग्रेड
2026 में शुक्र का रेट्रोग्रेड वृश्चिक राशि में होगा, जो विवाह के लिए सबसे कठिन समय माना जाता है। वृश्चिक राशि परिवर्तन, रहस्य और गहरी भावनाओं का प्रतीक है, और जब शुक्र इस राशि में रेट्रोग्रेड होता है, तो यह पुराने रिश्तों, अनसुलझी समस्याओं और छिपी हुई चुनौतियों को सामने ला सकता है।
रेट्रोग्रेड के दौरान शादी के नुकसान
- पुराने पैटर्न की वापसी: इस समय शादी करने से पुराने रिश्तों के मुद्दे फिर से सामने आ सकते हैं
- निर्णय लेने में कठिनाई: शुक्र रेट्रोग्रेड के दौरान लिए गए निर्णय अक्सर गलत साबित होते हैं
- रिश्ते में अस्पष्टता: साझेदारी के नियम और उम्मीदें अस्पष्ट हो सकती हैं
- वित्तीय समस्याएं: आर्थिक मामलों में अनिश्चितता बढ़ सकती है
ग्रहणों का वैवाहिक जीवन पर प्रभाव
ग्रहण क्यों हैं "वाइल्ड कार्ड"?
ज्योतिष में ग्रहणों को "जंगली कार्ड" माना जाता है क्योंकि ये अप्रत्याशित परिवर्तन लाते हैं। ग्रहण के दिन शादी करने वाले जोड़ों का जीवन अनिश्चित और अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है।
ग्रहण काल में शादी के खतरे
- अस्थिर रिश्ते: ग्रहण के दिन शादी करने से रिश्ता अस्थिर हो सकता है
- स्वास्थ्य समस्याएं: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है
- वित्तीय हानि: आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है
- पारिवारिक विवाद: परिवार के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं
2026 में शादी के लिए सर्वोत्तम समय
शुभ मुहूर्त की पहचान
जबकि कुछ तारीखें पूरी तरह से बचनी चाहिए, कुछ अवधियां शादी के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती हैं:
अप्रैल-मई 2026: यह समय शादी के लिए उत्कृष्ट माना जाता है क्योंकि ग्रहों की स्थिति अनुकूल होती है।
जून-जुलाई 2026: ग्रहणों के बाद का यह समय शादी के लिए फिर से शुभ हो जाता है।
सितंबर 2026: शुक्र रेट्रोग्रेड से पहले का यह महीना शादी के लिए अच्छा माना जाता है।
दिसंबर 2026: वर्ष का अंतिम महीना शादी के लिए शुभ समय प्रदान करता है।
वैवाहिक ज्योतिष के महत्वपूर्ण पहलू
कुंडली मिलान
शादी से पहले कुंडली मिलान कराना आवश्यक है। यह दोनों पार्टनर्स की संगतता को समझने में मदद करता है और भविष्य की संभावित समस्याओं को दूर करता है।
मंगल दोष
यदि किसी पार्टनर की कुंडली में मंगल दोष है, तो शादी के समय का चुनाव और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
शनि की स्थिति
शनि की स्थिति वैवाहिक जीवन में स्थिरता और लंबे समय तक रिश्ते बने रहने को प्रभावित करती है।
व्यावहारिक सलाह और उपाय
शादी की तैयारी
- ज्योतिषी से परामर्श: शादी की तारीख तय करने से पहले योग्य ज्योतिषी से परामर्श लें
- कुंडली विश्लेषण: दोनों पार्टनर्स की कुंडली का विस्तृत विश्लेषण कराएं
- शुभ मुहूर्त: केवल शुभ मुहूर्त में शादी करें
- ग्रहण काल से बचें: ग्रहण के समय शादी से बिल्कुल बचें
उपाय और समाधान
- ग्रह शांति: शादी से पहले ग्रह शांति के उपाय करें
- दान-पुण्य: जरूरतमंदों को दान दें
- मंत्र जाप: विवाह संबंधी मंत्रों का जाप करें
- पूजा-पाठ: भगवान की पूजा करके आशीर्वाद प्राप्त करें
निष्कर्ष
2026 में शादी की योजना बना रहे जोड़ों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है। 17 फरवरी, 3 मार्च, 12 अगस्त, और 28 अगस्त की तारीखों और 3 अक्टूबर से 13 नवंबर के बीच के समय में शादी से बचना चाहिए।
सही समय पर शादी करने से न केवल वैवाहिक जीवन सुखी होता है, बल्कि समाज और परिवार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष केवल मार्गदर्शन देता है, लेकिन सफल वैवाहिक जीवन के लिए प्रेम, विश्वास, और समझ सबसे महत्वपूर्ण हैं।
अंतिम सलाह: शादी के लिए हमेशा योग्य ज्योतिषी की सलाह लें और ग्रहों की अनुकूल स्थिति में ही यह पवित्र बंधन करें।